Ganga Expressway Update : हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे, देखें किस-किस जिले से गुजरेगा – रूट जानना है जरूरी

Ganga Expressway (गंगा एक्सप्रेस वे) : भारत में सड़क ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, और इसका ताज़ा उदाहरण है गंगा एक्सप्रेसवे। यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा, जो प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ते हुए हरिद्वार तक पहुंचेगा। इस परियोजना के पूरा होने से यातायात में सुधार होगा, यात्रा का समय घटेगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह एक्सप्रेसवे किन जिलों से गुजरेगा, इसकी क्या विशेषताएँ हैं और आम लोगों को इससे क्या लाभ होगा।

Ganga Expressway क्या है?

गंगा एक्सप्रेसवे एक छह लेन (6-lane) का आधुनिक एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन (8-lane) तक बढ़ाया जा सकता है। यह उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हरिद्वार तक जाएगा, जिससे यात्रियों को सीधी, तेज़ और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

मुख्य विशेषताएँ:

    • कुल लंबाई: 594 किलोमीटर (हरिद्वार तक विस्तार के बाद)
    • वर्तमान में प्रस्तावित लंबाई: 594 किलोमीटर (मेरठ से प्रयागराज तक)
    • संभावित लागत: 36,230 करोड़ रुपये
    • निर्माण की स्थिति: निर्माण कार्य प्रगति पर
  • लेन: 6 लेन, भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य
  • प्रमुख शहर जो इससे जुड़ेंगे: मेरठ, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज
  • अधिकतम स्पीड लिमिट: 120 किमी प्रति घंटा (वाहन प्रकार के अनुसार)

गंगा एक्सप्रेसवे का रूट और कौन-कौन से जिले इससे जुड़ेंगे?

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है और अब इसे हरिद्वार तक बढ़ाया जा रहा है। इससे धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक यात्रा को बड़ा लाभ मिलेगा।

प्रस्तावित रूट:

  1. मेरठ – एक्सप्रेसवे की शुरुआत
  2. हापुड़
  3. बुलंदशहर
  4. अलीगढ़
  5. कासगंज
  6. एटा
  7. फर्रुखाबाद
  8. हरदोई
  9. उन्नाव
  10. रायबरेली
  11. प्रतापगढ़
  12. प्रयागराज – पहला प्रस्तावित समापन बिंदु
  13. हरिद्वार – अब विस्तार के बाद नया समापन बिंदु

और देखें : Delhi Dehradun Expressway 

गंगा एक्सप्रेसवे से आम लोगों को क्या लाभ होगा?

गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए विकास की रीढ़ साबित होगा। इसके निम्नलिखित लाभ होंगे:

1. यात्रा का समय घटेगा

पहले जहां मेरठ से प्रयागराज जाने में 12 से 14 घंटे लगते थे, वहीं अब यह यात्रा 6-7 घंटे में पूरी हो सकेगी।

2. पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल से जुड़ने के कारण अधिक श्रद्धालु और पर्यटक इस मार्ग का उपयोग करेंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

3. व्यापार और औद्योगिक विकास

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना होगी, जिससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

4. सुरक्षित और आधुनिक यात्रा

यह एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जैसे:

  • कैमरा मॉनिटरिंग सिस्टम
  • इमरजेंसी हेल्पलाइन
  • स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट

एक्सप्रेसवे के निर्माण की मौजूदा स्थिति

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को कई चरणों में विभाजित किया गया है। 2025 तक इसके पहले चरण के पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें मेरठ से प्रयागराज तक का निर्माण शामिल है। हरिद्वार विस्तार योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

चरण कार्य स्थिति
चरण 1 मेरठ से प्रयागराज तक निर्माण 70% पूरा
चरण 2 हरिद्वार तक विस्तार योजना बनाई जा रही है
चरण 3 अतिरिक्त सुविधाओं का निर्माण प्रगति पर

गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स कितना होगा?

सरकार ने अभी टोल शुल्क की पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन अन्य एक्सप्रेसवे की तुलना में यह ₹2-₹2.50 प्रति किमी के आसपास हो सकता है। छोटे वाहनों के लिए कम शुल्क और बड़े कमर्शियल वाहनों के लिए अधिक शुल्क रखा जाएगा।

वाहन प्रकार अनुमानित टोल (₹ प्रति किमी)
कार / जीप ₹2.00
बस / ट्रक ₹2.50
हेवी कमर्शियल वाहन ₹3.00

क्या गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बदल देगा?

बिल्कुल! उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे के कारण:

  • नई फैक्ट्रियां लगेंगी, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बूस्ट मिलेगा, जिससे व्यापार तेज़ होगा।
  • कृषि क्षेत्र को मदद मिलेगी, क्योंकि किसान अपनी फसल को बड़े बाज़ारों तक तेजी से पहुँचा सकेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े विकास कार्यों में से एक है, जो न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। हरिद्वार तक इसका विस्तार होने से धार्मिक और व्यावसायिक यात्राओं में आसानी होगी। आने वाले वर्षों में, यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक साबित होगा। अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं या इस क्षेत्र में यात्रा करते हैं, तो गंगा एक्सप्रेसवे आपके लिए एक वरदान साबित होगा।

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